लखनऊ।  लखनऊ में इंदिरानगर सेक्टर-20 निवासी सेवानिवृत आईएएस देवेंद्र दुबे की पत्नी मोहिनी दुबे (58) की हत्या कर लूट की वारदात को अंजाम उनके ड्राइवर भाइयों ने साथी के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने मंगलवार को इस मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस ने सेवानिवृत आईएएस देवेंद्र के दोनों ड्राइवर भाइयों और उनके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि अखिलेश और रंजीत असलहा लेकर मोहिनी दुबे के घर पहुंचे थे। हालांकि, उनकी हत्या गला कसकर की थी।

आरोपियों ने बताया कि साजिश के तहत वे गोली मारकर हत्या करने वाले थे, लेकिन अचानक सोचा कि गोली चलने की आवाज से आसपास पता चल सकता है। ऐसे में तय किया कि गोली नहीं चलाएंगे। तब गला कसकर मारा। असलहा आरोपियों की निशानदेही पर बरामद किए गए बैग से मिला। उसी से अखिलेश ने पुलिसवालों पर गोली चला दी थी। डीसीपी नॉर्थ अभिजीत आर शंकर ने बताया कि बैग से डीवीआर भी बरामद हुई। उसमें काफी मिट्टी भरी हुई है। फुटेज रिकवर के लिए डीवीआर फोरेंसिक लैब भेजी जाएगी। हालांकि, घटना से संबंधित तमाम फुटेज जुटा लिए गए हैं, जिनमें आरोपी कैद हैं।

पूछताछ में अखिलेश व रवि ने बताया कि करीब एक महीने पहले वे स्टोर रूम में सफाई कर रहे थे। इसी दौरान मोहिनी ने अलमारी से जेवरात निकालकर बेड पर रखे थे। वह कहीं जाने की तैयारी कर रही थीं। बेड से लेकर अलमारी तक ज्वैलरी थी। यह देख उनके मन में लालच आ गया। तभी से सोच रहे थे कि कैसे जेवरात को हासिल किया जाए। करीब 15 दिन पहले रंजीत को बुलाकर इस बारे में बताया। तब साजिश रची और फिर वारदात को अंजाम दिया।

अखिलेश की पांच महीने पहले शादी हुई है। उसने पूछताछ में बताया कि मालिक ने कहा था कि शादी में वे उनकी आर्थिक मदद करेंगे, लेकिन केवल 21 हजार रुपये दिए। वही, अखिलेश को तीन-चार लाख रुपये जरूर मिलने की उम्मीद थी। इस वजह से वह खुन्नस रखने लगा। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी बेफिक्र थे। रंजीत अपने घर पर था, जबकि रवि और अखिलेश देवेंद्र के घर थे। ये मोहिनी के अंतिम संस्कार से लेकर अस्थि विसर्जन तक शामिल रहे। सोमवार को प्रयागराज में अस्थि विसर्जन किया गया था। पुलिस की टीम लगातार उनके साथ थी, जिससे वे भाग न सकें। मंगलवार को गिरफ्तारी कर ली।

आपको बता दें कि सेवानिवृत आईएएस देवेंद्र दुबे की पत्नी मोहिनी दुबे (58) की हत्या कर लूट की वारदात का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने देवेंद्र के दोनों ड्राइवर भाइयों और उनके एक साथी को गिरफ्तार किया। अखिलेश वारदात का मास्टरमाइंड है। वह और उसका भाई 13 साल से देवेंद्र के घर पर काम कर रहे थे। आरोपियों ने एक करोड़ रुपये के जेवरात लूटे थे। पुलिस ने जेवरात बरामद कर लिए हैं। वारदात की फुटेज किसी को न मिलें, इसलिए बदमाश डीवीआर व सीसीटीवी कैमरे उखाड़ कर ले गए थे। इन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया।

इंदिरानगर सेक्टर-20 निवासी सेवानिवृत आईएएस देवेंद्र दुबे 25 मई की सुबह ड्राइवर रवि यादव के साथ गोल्फ खेलने गए थे। उनके जाने के बाद घर के भीतर बदमाशों ने उनकी पत्नी मोहिनी की हत्या कर जेवरात लूट ले गए थे। संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध आकाश कुलहरि ने बताया कि वारदात में रवि व उसके ड्राइवर भाई अखिलेश यादव और साथी रंजीत को गिरफ्तार किया गया है। वारदात के दिन अखिलेश और रंजीत स्कूटी से देवेंद्र के घर पहुंचे थे। दोनों ने मोहिनी की गला कसकर हत्या कर दी थी और जेवरात लूटकर भाग गए थे। वारदात की साजिश में रवि भी शामिल था।

अखिलेश ने पुलिस को बताया कि उसके घंटी बजाने पर मोहिनी ने दरवाजा खोला। वह बोला, उसके दोस्त रंजीत को मदद की जरूरत है। नौकरी चाहिए। इस पर मोहिनी ने कहा, उसे बुला लाओ। अंदर आकर दोनों ने उनके पैर छुए। फिर अचानक रंजीत ने पेंचकस से मोहिनी पर वार कर दिए और अखिलेश ने दुपट्टे से गला कसना शुरू किया। जब सांसें थम गईं तब दुपट्टा छोड़ा। फिर जेवरात बैग में भरे और स्कूटी से भाग निकले।