नई दिल्‍ली। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। किसानों और सरकार के बीच कड़वाहट बढ़ती जा रही है। दिल्ली में सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए किए गए भारी-भरकम सुरक्षा इंतजाम किया है। इससे नाराज किसान नेताओं ने सरकार को धमकी दी है।

गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार किसानों की बात मान ले। राकेश टिकैत ने किसान सरकार को अक्टूबर तक का समय देने के लिए राजी हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने तब भी बात नहीं मानी तो देशभर में किसान ट्रैक्टर रैली निकालेंगे।

राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ 40 लाख ट्रैक्टरों के साथ किसान रैली निकालेंग। भाकियू नेता ने कहा कि सरकार को किसानों की मांग माननी चाहिए। गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड में हिंसा के बाद पुलिस ने सख्त कदम उठाए थे। इसके बाद से किसान आंदोलन और तेज हो गया है।

किसानों से मिले विपक्ष के बड़े नेता
बता दें कि मंगलवार को किसानों से विपक्ष के कई बड़े नेताओं ने मुलाकता की थी। शिवसेना सांसद संजय राउत गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों से मिले। इंटरनेट और कई सारी सुविधाएं रोके जाने से किसानों में नाराजगी और बढ़ी है।

जेल में बंद हैं 115 प्रदर्शनकारी
संयुक्त किसान मोर्चा ने दावा किया है कि 115 प्रदर्शनकारी तिहाड़ जेल में बंद हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा।

किसानों नेताओं ने कहा कि 115 किसान प्रदर्शनकारी तिहाड़ जेल में बंद हैं। किसानों मांग की कि सरकार उनकी मेडिकल जांच कराएं। उका कहना है कि पड़ोसी देश भी जवान लौटा देते हैं, पर दिल्ली पुलिस किसानों को छिपा रही है। किसान नेताओं ने बताया कि उन्होंने एत लीगल कमेटी बनाई है।